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Heart Touching Hindi Shayari – Yeh Kis Mod Pe Aa Gai Hai Zindagi Meri

Yeh Kis Mod Pe Aa Gai Hai Zindagi Meri
Na Paa Sakte Hai Use Na Bhula Sakte Hai Use

Ab Kaise Katega Safar E Zindagi Uske Bina Yaroon
Dastaan E Gham Na Jata Sakte Hai Use Na Suna Sakte Hai Use

Tha Koi Shikwa Koi Shikayat Toh Bata Dete Hume ARIF
Dil Cheez Kya Hai Hum Jaan Bhi Luta Sakte Hai Use…

Submitted By : MUHAMMAD ARIF CHEETAL, Muzaffarnagar

Updated: October 28, 2017 — 11:46 am

Religious Hindi Shayari – ऊँचे ऊँचे दरबारों से क्या लेना !

ऊँचे ऊँचे दरबारों से क्या लेना !
नंगे भूखे बेचारों से क्या लेना !
अपना मालिक अपना ख़ालिक अल्लाह है !
आती जाती सरकारों से क्या लेना !

Updated: September 14, 2017 — 12:45 pm

Hindi Shayari 4 Line Mein – तेरे सुर्ख होंठों पर

तेरे सुर्ख होंठों पर ये लाली अच्छी नहीं लगती
तेरे हांथों में ये प्याली अच्छी नहीं लगती
ए बेवफा मत बदल अब तू ज़मीर अपना
तेरे दर की सवाली अब अच्छी नहीं लगती

Submitted By : Dev Kumar

Updated: September 14, 2017 — 12:42 pm

Romantic Ghazal In Hindi – मुझे अब भी याद आता है.

वो आँखों का मेरी आँखों से मिलना फिर धीरे से मुस्कुरा देना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°किसी बात पर जोर से हसना फिर अगले ही पल पलकों को भिगो देना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°वो चुपके से मेरे पास आना फिर किसी की आवाज़ से भाग जाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°किसी भी चीज़ का मुझे अपने हाथ से खिलाना फिर खुद खाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°मेरे हाथ पर अपना नाम लिखना और उस मेहँदी का रंग जाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°पहले मेरे जिस्म से लिपट जाना फिर जाने की जिद करना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°दिन भर बाते करना और रात को मेरे पास आकर खामोश हो जाना.

•मुझे अब भी याद आता है

°मेरा नाम अपनी ज़िन्दगी और अपना नाम”तरन्नुम” बताना.

•मुझे अब भी याद आता है.

 

Submitted By : °शाहरुख़ उस्मान देहलवी

Updated: September 14, 2017 — 12:38 pm

Patriotic Poetry In Hindi – Kabhi To Watan Badlega

कभी तो बहार आएगी, कभी नूरे चमन बदलेगा !
ख़ुदा पे है यकीं इतना, कभी तो करम बदलेगा !

आएगा कभी होठों पे किलकारियों का मौसम भी,
यारो कभी तो ज़र्द चेहरे का, कुछ तो रंग बदलेगा !

हम आज तो बदनाम हैं पहचानता हमें कोई नहीं,
कभी तो दिल से लोगों के, वो पुराना भरम बदलेगा !

कुछ भी न बदला अब तक सब कुछ तो है वैसा ही,
जीता रहा इस आस में कि, कभी तो वतन बदलेगा !

शांती स्वरूप मिश्र

Updated: September 14, 2017 — 12:30 pm
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