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Category: Ghazals

Romantic Ghazal In Hindi – मुझे अब भी याद आता है.

वो आँखों का मेरी आँखों से मिलना फिर धीरे से मुस्कुरा देना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°किसी बात पर जोर से हसना फिर अगले ही पल पलकों को भिगो देना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°वो चुपके से मेरे पास आना फिर किसी की आवाज़ से भाग जाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°किसी भी चीज़ का मुझे अपने हाथ से खिलाना फिर खुद खाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°मेरे हाथ पर अपना नाम लिखना और उस मेहँदी का रंग जाना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°पहले मेरे जिस्म से लिपट जाना फिर जाने की जिद करना.

•मुझे अब भी याद आता है.

°दिन भर बाते करना और रात को मेरे पास आकर खामोश हो जाना.

•मुझे अब भी याद आता है

°मेरा नाम अपनी ज़िन्दगी और अपना नाम”तरन्नुम” बताना.

•मुझे अब भी याद आता है.

 

Submitted By : °शाहरुख़ उस्मान देहलवी

Updated: September 14, 2017 — 12:38 pm

Shayar Par Shayari – Sabhi Ko Daad Deta hai

Sabhi ko daad deta hai bada chalaak shayar hai,
phir uske baad dheere se aji kya khaak shayar hai

ghazal kehna na kehna uski marzi tumse kya matlab,
bhari mehfil mai to woh sahib-e-idraak shayar hai

yeh baat apni jagah duniya pasandi mai hai lasani,
bazahir to namazi sahibe miswak shayar hai

sukhan fehmo ki majlis mai hai wo john eliya jesa,
bohot kamzor insaa’n hai bada bebaak shayar hai

zaruri hai dhuke dil ko satakar or gham dena,
na itna zulm kar aey gardishe aflaak shayar hai

jo tehzibe mohabbat thhi wo tehzibe mohabbat hai,
garibaa’n chaak shayar thha garibaa’n chaak shayar hai

 

Submitted By: Tahir Faraz



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Updated: March 3, 2017 — 2:59 pm

Hindi Ghazal Shayari – Dil Ko Patthar Bana Liya

उनके सारे ग़मों को, दिल में सजा लिया हमने !
अपने मोम से दिल को, पत्थर बना लिया हमने !

खुशियों की आहट को जब जब भी सुना दूर से,
दिल पर उदासिओं का, पहरा लगा दिया हमने !

रौशनी की कमीं न हो महसूस उनको कभी भी,
ज़रुरत पड़ी तो अपना ही, दिल जल दिया हमने !

अफ़सोस कि हमें तज़ुर्बा न था ज़िन्दगी जीने का,
बस औरों की आग मे, खुद को जला दिया हमने !

ये कैसा अजीब सा नसीब पाया है हमने भी यारो,
जो खंज़र लिए बैठे हैं, उन्हीं को दिल दे दिया हमने !

Submitted By : शांती स्वरूप मिश्र

Updated: March 3, 2017 — 1:55 pm

Hindi Ghazal Shaayari – मेरी आँखों में हैं जो ख़्वाब नए-पुराने तुम्हारे हैं

मेरे गीत, मेरी गजलें, मेरे सब अफ़साने तुम्हारे हैं
मेरी आँखों में हैं जो ख़्वाब नए-पुराने तुम्हारे हैं

तुम बिछुड़ कर भी कहीं मुझ ही में रह गए
जिनमें मैं उलझा हूँ सब ताने-बाने तुम्हारे हैं

जो भी डूबता है फिर कब निकलता है
इतने गहरे आँखों के मयखाने तुम्हारे हैं

मैं तो फ़कीर हूँ भला चुकाऊँ भी तो कैसे
मोहब्बत में करोड़ों के ज़ुरमाने तुम्हारे हैं

अभी कुछ देर और ये सिर झुका रहने दो
अभी बाकी कुछ अहसान चुकाने तुम्हारे हैं

Submitted By : धर्मवीर

Updated: November 23, 2016 — 10:21 am

Hindi Ghazal Shayari – Dil Khoya Hua Sa Lagta Hai

कुछ देखा हुआ सा, कुछ परखा हुआ सा लगता है !
ज़िन्दगी का हर सवाल, उलझा हुआ सा लगता है !
बढ़ जाती हैं बेचैनियां कभी कभी इस कदर दोस्तो,
कि दिल का कोई टुकड़ा, खोया हुआ सा लगता है !
बनाया था जो हमने कभी महल सपनों का जतन से,
कभी कभी बस यूं ही हमें, बिखरा हुआ सा लगता है !
न रहीं वो महफ़िलें न रहीं वो दोस्तों की ठिठोलियाँ,
ज़िन्दगी का हर कदम, मुझे ठहरा हुआ सा लगता है !
वक़्त का सितम बदल देता है नसीब इस तरह “मिश्र”,
कि हर तरफ ग़मों का धुआं, गहरा हुआ सा लगता है !

Submitted By : शांती स्वरूप मिश्र

Updated: November 23, 2016 — 10:17 am

Ghazal Shayari Hindi Mein – Kaise Keh Du Ki Mulaqaat Nahi Hoti Hai

कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती है,
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है;
आप लिल्लाह न देखा करें आईना कभी,
दिल का आ जाना बड़ी बात नहीं होती है;
छुप के रोता हूँ तेरी याद में दुनिया भर से,
कब मेरी आँख से बरसात नहीं होती है;
हाल-ए-दिल पूछने वाले तेरी दुनिया में कभी,
दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है;
जब भी मिलते हैं तो कहते हैं कैसे हो,
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती है!

Updated: September 21, 2016 — 9:59 pm

Sad Ghazal Hindi Mein – Daaman Bhi Khaali Ho Gaya

दामन भी खाली हो गया ख़ुशीयां जलाते जलाते,
बरबाद हो गये हम तुझको भुलाते भुलाते,
थक गयीं रातों की परियां हो गयीं सुनसान गलियां,
मायूस हो गयी हवा भी मुझको सुलाते सुलाते,
बढ़ गयी मंजिल की दूरी चाह रह गयी अधूरी,
आ गये हम कब्र तक दूरी घटाते घटाते,
इश्क़ में हारे हैं यारो हुस्न के मारे हैं यारो,
मिट गये हम उनके दिल से नफ़रत मिटाते मिटाते।

Updated: September 21, 2016 — 9:59 pm

Hindi Ghazal Poetry – Samandar Saare Sharaab Hote To Socho

समंदर सारे शराब होते तो सोचो, कितने फसाद होते;
हकीक़त सारे ख्वाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
किसी के दिल में क्या छुपा है, बस ये खुदा ही जानता है;
दिल अगर बे नक़ाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
थी ख़ामोशी फितरत हमारी, तभी तो बरसों निभा गए;
अगर हमारे मुंह में भी जवाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
हम अच्छे थे पर, लोगों की नज़र मे रहे बुरे;
कहीं हम सच में खराब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!

Updated: September 21, 2016 — 9:59 pm
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