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Hindi Suvichar

Inspirational Poem In Hindi – लक्ष की और अग्रसर

अब रिस्ते टूटता है तो टूटे अब अपने रूठते है तो रूठे
अब जग छूटता है तो छूटे हम अपने लक्ष की और अग्रसर
अब न रुकेंगे, अब न झुकेंगे,

अब समंदर मे उफा आता है तो आए अब रास्ते मे तूफा आता है तो आए,
हम अपने लक्ष की और अग्रसर , अब न रुकेंगे अब न झुकेंगे,

अब सपने टूटते है तो टूटे अब यारो का महफ़िल छूटता है तो छूटे
हम अपने लक्ष की और अग्रसर अब न रुकेंगे अब न झुकेंगे,

अब गांव की गालिया छूटती है तो छुटे,अब बड़ो का अधिकार बच्चो का
प्यार छुटता है तो छुटे, हम अपने लक्ष की और अग्रसर अब न रुकेंगे अब न झुकेंगे,

अब रस्ते कितना भी बदलना पड़े बदलेंगे, अब रास्ता कितना भी लंबा हो
तय करेंगे पर, हम अपने लक्ष की और अग्रसर अब न रुकेंगे अब न झुकेंगे

 

Submitted By: Abhinav Jha

Updated: March 3, 2017 — 3:03 pm

Superb Hindi Poem On Reality Of Life – सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हैं

Superb Hindi Poem On Reality Of Life..

सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हैं ..

मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है ..
उम्र के साथ जिंदगी को ढंग बदलते देखा है .. !!

वो जो चलते थे तो शेर के चलने का होता था गुमान ..
उनको भी पाँव उठाने के लिए सहारे को तरसते देखा है .. !!

जिनकी नजरों की चमक देख सहम जाते थे लोग ..
उन्ही नजरों को बरसात की तरह रोते देखा है .. !!

जिनके हाथों के जरा से इशारे से टूट जाते थेपत्थर ..
उन्ही हाथों को पत्तों की तरह थर थर काँपते देखा है .. !!

जिनकी आवाज़ से कभी बिजली के कड़कने का होता था भरम ..
उनके होठों पर भी जबरन चुप्पी का ताला लगा देखा है .. !!

ये जवानी ये ताकत ये दौलत सब कुदरत की इनायत है ..
इनके रहते हुए भी इंसान को बेजान हुआ देखा है .. !!

अपने आज पर इतना ना इतराना मेरे यारों ..
वक्त की धारा में अच्छे अच्छों को मजबूर हुआ देखा है .. !!
कर सको तो किसी को खुश करो दुःख देते तो हजारों को देखा है‎.


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Updated: October 8, 2016 — 3:58 pm

Inspirational Hindi Poem – Anmol Vachan Suvichar Shayari – Ae Sukh Tu Kahan Hai

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ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है
क्या तेरा कोई पक्का पता है

क्यों बन बैठा है अन्जाना
आखिर क्या है तेरा ठिकाना।

कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको
पर तू न कहीं मिला मुझको

ढूंढा ऊँचे मकानों में
बड़ी बड़ी दुकानों में

स्वादिष्ट पकवानों में
चोटी के धनवानों में

(more…)

Updated: September 10, 2016 — 10:22 am

Very Inspiring Short Hindi Story With Anmol Vachan And Suvichar – वसीयत और नसीहत

​*वसीयत और नसीहत*
एक दौलतमंद इंसान ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा, 
*”बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, मेरी यह इक्छा जरूर पूरी करना ।*
पिता के मरते ही नहलाने के बाद, बेटे ने पंडितजी से पिता की आखरी इक्छा बताई ।
*पंडितजी ने कहा: हमारे धर्म में कुछ भी पहनाने की इज़ाज़त नही है ।*
पर बेटे की ज़िद थी कि पिता की आखरी इक्छ पूरी हो ।
बहस इतनी बढ़ गई की शहर के पंडितों को जमा किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला ।
*इसी माहौल में एक व्यक्ति आया, और आकर बेटे के हाथ में पिता का लिखा हुअा खत दिया, जिस में पिता की नसीहत लिखी थी*
“मेरे प्यारे बेटे”
*देख रहे हो..? दौलत, बंगला, गाड़ी और बड़ी-बड़ी फैक्ट्री और फॉर्म हाउस के बाद भी, मैं एक फटा हुअा मोजा तक नहीं ले जा सकता ।*
*एक रोज़ तुम्हें भी मृत्यु आएगी, आगाह हो जाओ, तुम्हें भी एक सफ़ेद कपडे में ही जाना पड़ेगा ।*
*लिहाज़ा कोशीष करना,पैसों के लिए किसी को दुःख मत देना, ग़लत तरीक़े से पैसा ना कमाना, धन को धर्म के कार्य में ही लगाना ।*
*क्यूँकि अर्थी में सिर्फ तुम्हारे कर्म ही जाएंगे”।*
*इसको गोर से पढ़ो दोस्तों* 
इन्सान फिर भी धन की लालसा नहीं छोड़ता, भाई को भाई नहीं समझता, इस धन के कारण भाई मां बाप सबको भूल जाता है अंधा हो जाता है

Updated: July 28, 2016 — 10:20 pm

Best Ever Hindi Anmol Vachan – Hindi Ke Suvichar

दिल में “बुराई” रखने से बेहतर है, कि “नाराजगी” जाहिर कर दो ।

कैसे हो पायेगी.. अच्छे इंसान की पहचान दोनो ही नकली हो गए है  आँसू और मुस्कान…

वक़्त दिखाई नहीं देता हैं,  पर दिखा बहुत कुछ देता हैं ।

हर किसी की निंदा सुन लो लेकिन अपना निर्णय गुप्त रखो।

इंसान ख़ुद की नज़र में सही होना चाहिए.. दुनिया तो भगवान से भी दुखी है..

Updated: May 18, 2016 — 9:41 pm

Gyan Ki Baat – Anmol Vachan Hindi Suvichar On Relationship

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किसी के साथ कभी ऐसी
बहस मत करो ,
कि बहस तो जीत जाओ
मगर रिश्ता हार जाओ…

Updated: May 13, 2016 — 9:30 pm

Anmol Vachan In Hindi On Soch And Nasihat – Hindi Suvichar On Thinking

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आदमी की सोच और नसीहत समय-समय पर बदलती रहती है,
चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेंक देते हैं,
देशी घी में गिरे जाये तो मक्खी को फेंक देते है

Updated: February 8, 2016 — 9:02 pm

Anmol Vachan Hindi Suvichar On Betiya – Save Daughter – Beti Bachao Hindi Thoughts

जन्म देने के लिए माँ चाहिये
राखी बाँधने के लिए बहन चाहिये
कहानी सुनाने के लिए दादी चाहिये
प्यार करने के लिए नानी चाहिए
जिद पूरी करने के लिए मौसी चाहिए
नए खिलोनो,कपड़ो-मिठाई के लिए बुआ चाहिए
मनुहार के लिए मामी चाहये
परेशान करने के लिए चाची चाहिए
साथ निभाने के लिए पत्नी चाहिये

पर यह सभी रिश्ते निभाने के लिए
बेटियां तो जिन्दा रहनी चाहये !!!!!!

Updated: August 26, 2015 — 1:55 pm

Best Inspirational Shayari – Prerak Hindi Suvichar

नाम चाहा न कभी भूल के शोहरत माँगी 
हमने हर हाल में ख़ुश रहने की आदत माँगी 
हो न हिम्मत तो है बेकार यह दौलत ताक़त 
हमने भगवान से माँगी है तो हिम्मत माँगी

Updated: February 3, 2015 — 10:04 pm

Very Very Heart Touching Short Hindi Story On Mother


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क्या गुजरी होगी उस बुढ़ी माँ के दिल पर जब उसकी बहु ने कहा -: माँ जी,आप अपना खाना बना लेना, मुझे और इन्हें आज एक पार्टी में जाना है ..!!

बुढ़ी माँ ने कहा -: बेटी मुझे गैस चुल्हा चलाना नहीं आता ..!!

तो बेटे ने कहा -: माँ, पास वाले मंदिर में आज भंडारा है, तुम वहाँ चली जाओ ना खाना बनाने की कोई नौबत ही नहीं आयेगी..!!!

माँ चुपचाप अपनी चप्पल पहन कर मंदिर की ओर हो चली..

यह पुरा वाक्या 10 साल का बेटा रोहन सुन रहा था | पार्टी में जाते वक्त रास्ते में रोहन ने अपने पापा से कहा -: पापा, मैं जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना तब मैं भी अपना घर किसी मंदिर के पास ही बनाऊंगा ..!!!

माँ ने उत्सुकतावश पुछा -: क्यों बेटा ?

रोहन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर उस बेटे और बहु का सिर शर्म से नीचे झुक गया जो अपनी माँ को मंदिर में छोड़ आए थे..

रोहन ने कहा -: क्योंकि माँ, जब मुझे भी किसी दिन ऐसी ही किसी पार्टी में जाना होगा तब तुम भी तो किसी मंदिर में भंडारे में खाना खाने जाओगी ना और मैं नहीं चाहता कि तुम्हें कहीं दूर के मंदिर में जाना पड़े..!!!!

पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है पत्ता तब तक सलामत है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है क्योंकि परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल जाती है लेकिन संस्कार चले जाते हैं ..एक कब्र पर लिखा था.. किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो…,जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे,और दफनाने वाले भी अपने थे.. अछी लगे तो आगे जरुर शेयर करना…

Updated: January 4, 2015 — 1:24 pm

Motivational Shayari – “तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है


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“तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है,.
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं”

Updated: December 31, 2014 — 6:55 pm
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