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Category: Stories

Funny Short Story In Hindi – Hindi Mein Mazaakiya Kahani

बिलासपूल का मशहूर बाजार है..

गोल बाजार

शाम के 5 बजे बाजार भीड़ से भरा हुआ था। इसी भीड़ में पति-पत्नी एक दूसरे से लड़ने में व्यस्त थे और लगभग 200 लोग उनके इस तमाशे का मज़ा ले रहे थे।

बात कुछ यूँ थी कि पत्नी जिद कर रही थी अपने पति से कि आज आप कार खरीद ही लीजीये मैं थक गई हूं आपकी मोटर साइकिल पर बैठ बैठ कर।

पति ने कहा……. ओए पागल औरत तमाशा ना बना मेरा दुनिया के सामने। मोटर साइकिल की चाभी मुझे दे।

पत्नी- नहीं, तुम्हारे पास इतना पैसा है । आज कार लोगे तो ही घर जाऊंगी।

पति-“अच्छा तो ले लुँगा अब चाभी दो”

पत्नी – नहीं दूंगी।

पति- “अच्छा ना दो मैं ताला ही तोड़ देता हूँ”

पत्नी ने कहा…. तोड़ दो लेकिन ना चाभी मिलेगी ना में साथ जाऊँगी ।

पति – “अच्छा तो ये ले मैं ताला तोड़ने लगा हूँ जाओ तुम्हारी मर्ज़ी मेरे घर ना आना”

पत्नी – जाओ जाओ नहीं आती तुम जैसे कंजूस के घर।

पति ने लोगों की मदद से मोटरसाइकिल का ताला खोल लिया, अपनी बाइक पर बैठ गया और बोला, “तुम आती हो या मैं जाऊँ”

वहाँ खड़े लोगों ने पत्नी को समझाया – चली जाओ इतनी सी बात पर अपना घर न खराब करो।

फिर पत्नी ने पति से वादा लिया कि वह बाइक बेचकर जल्द ही कार लेगा। दोनों की सुलह हो गयी और दोनों चले गए।

अच्छी कहानी है न 👏👏

लेकिन अभी ख़त्म नहीं हुई है

तो जनाब………

ठीक आधे घंटे बाद उसी जगह पर फिर से भीड़ लगी थी।

एक बंदा शोर कर रहा था……..
कोई मेरी मोटरसाइकिल दिन दहाडे चुरा कर ले गया।

😁😁😁😁😁😁🤓

(Funny Short Story In Hindi – Hindi Mein Mazaakiya Kahani)

Updated: June 16, 2017 — 5:04 pm

Hindi Short Story On Power Of Women – औरत की ताकत

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औरत की ताकत

एक रात प्रेसिडेंट ओबामा अपनी पत्नी मिशेल के साथ कैज़ुअल डिनर पर एक होटल गए। होटल मालिक ने सीक्रेट सर्विस कमांडोज़ से मिसेज ओबामा से बात करने की रिक्वेस्ट की।मिशेल होटल मालिक से मिली बात की।
जब लौट कर आईं तो ओबामा ने मिशेल से पुछा कौन है क्या कह रहा था तुमसे बात करने में इतना इंट्रेस्टेड क्यों था। मिशेल ने कहा टीनऎज दौर में वो मुझको पागलों की तरह बेइंतिहां चाहता था।
राष्ट्रपति ओबामा बोले अगर तुम इससे शादी कर लेतीं तो इस खूबसूरत होटल की मालकिन होतीं।
मिसेज ओबामा मिशेल ने बेहतरीन जवाब दिया- बोलीं नहीं अगर मैं इससे शादी कर लेती तब तुम्हारी जगह ये अमेरिका का राष्ट्रपति होता।

(power of women) – Hindi Short Inspirational Story

Updated: June 16, 2017 — 4:49 pm

Very Inspiring Short Hindi Story With Anmol Vachan And Suvichar – वसीयत और नसीहत

​*वसीयत और नसीहत*
एक दौलतमंद इंसान ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा, 
*”बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, मेरी यह इक्छा जरूर पूरी करना ।*
पिता के मरते ही नहलाने के बाद, बेटे ने पंडितजी से पिता की आखरी इक्छा बताई ।
*पंडितजी ने कहा: हमारे धर्म में कुछ भी पहनाने की इज़ाज़त नही है ।*
पर बेटे की ज़िद थी कि पिता की आखरी इक्छ पूरी हो ।
बहस इतनी बढ़ गई की शहर के पंडितों को जमा किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला ।
*इसी माहौल में एक व्यक्ति आया, और आकर बेटे के हाथ में पिता का लिखा हुअा खत दिया, जिस में पिता की नसीहत लिखी थी*
“मेरे प्यारे बेटे”
*देख रहे हो..? दौलत, बंगला, गाड़ी और बड़ी-बड़ी फैक्ट्री और फॉर्म हाउस के बाद भी, मैं एक फटा हुअा मोजा तक नहीं ले जा सकता ।*
*एक रोज़ तुम्हें भी मृत्यु आएगी, आगाह हो जाओ, तुम्हें भी एक सफ़ेद कपडे में ही जाना पड़ेगा ।*
*लिहाज़ा कोशीष करना,पैसों के लिए किसी को दुःख मत देना, ग़लत तरीक़े से पैसा ना कमाना, धन को धर्म के कार्य में ही लगाना ।*
*क्यूँकि अर्थी में सिर्फ तुम्हारे कर्म ही जाएंगे”।*
*इसको गोर से पढ़ो दोस्तों* 
इन्सान फिर भी धन की लालसा नहीं छोड़ता, भाई को भाई नहीं समझता, इस धन के कारण भाई मां बाप सबको भूल जाता है अंधा हो जाता है

Updated: July 28, 2016 — 10:20 pm

Heart Touching Inspiring Husband Wife Story – जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए

एक पत्नी ने अपने पति से आग्रह किया कि वह उसकी छह कमियां बताएं जिन्हें सुधारने से वह बेहतर पत्नी बन जाए।

पति यह सुनकर हैरान रह गया और असमंजस की स्थिति में पड़ गया. उसने सोचा कि मैं बड़ी आसानी से उसे 6 ऐसी बातों की सूची थमा सकता हूं , जिनमें सुधार की जरूरत थी ।

और ईश्वर जानता है कि वह ऐसी 60 बातों की सूची थमा सकती थी, जिसमें पति को सुधार की जरूरत थी.

परंतु पति ने ऐसा नहीं किया और कहा – मुझे इस बारे में सोचने का समय दो मैं तुम्हें सुबह इसका जबाब दे दूंगा।

पति अगली सुबह जल्दी ऑफिस गया और फूल वाले को फोन करके उसने अपनी पत्नी के लिए छह गुलाबों का तोहफा भिजवाने के लिए कहा जिसके साथ यह चिट्ठी लगी हो, “मुझे तुम्हारी छह कमियां नहीं मालूम, जिनमें सुधार की जरूरत है. तुम जैसी भी हो मुझे बहुत अच्छी लगती हो.”

उस शाम पति जब आफिस से लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी दरवाज़े पर खड़ी उसका इंतज़ार कर रही थी और उसकी आंखों में सू भरे हुए थे। यह कहने की जरूरत नहीं कि उनके जीवन की मिठास कुछ और बढ़ गई थी।

पति इस बात पर बहुत खुश था कि पत्नी के आग्रह के बावजूद उसने उसकी छह कमियों की सूची नहीं दी थी।
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सार ये है कि- जिंदगी का ये हुनर भी आज़माना चाहिए,
जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए..

जनहित में चेतावनी: पत्नी पर हमेशा जोक्स ठीक नहीं, कभी-कभी अच्छा खाने-पीने और घर की सुख-शांति के लिए सीरियस भी हो जाना चाहिये…

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Updated: December 24, 2015 — 12:03 pm

Heart Touching Hindi Short Story On Girl’s Ways Of Dressing

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Heart Touching Hindi Short Story On Girl’s Ways Of Dressing…

कृप्या सभी लडकीयां इसे ध्यान से पढें
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एक लड़की से मैने पुछा:- बहन तुमने यह Artificial Ear Rings, Locket और Ring क्यों पहनी है? तुम्हारे Branded कपड़ो से तो तुम गरीब नहीं लग रही !
लड़की बोली:- भाई आज कल असली गहने पहनने का जमाना नहीं, गली गली चोर घुम रहे है। घरवाले पुलिस वाले हर कोई मना करता है असली पहनने को।
मैने पूछा बहन पर कोई तुम्हें ऐसा करने से कैसे रोक सकता है, जबकी यह तुम्हारा अधिकार (Rights) है। कानून भी तुम्हे ऐसा करने से नहीं रोक सकता। फिर तुम पर एैसी पाबंदी क्यों?
लड़की बोली:- तुम पागल तो नही हो गए। आज कल गली-गली चोर बदमाश घूम रहे है, क्या मै इतने कीमती गहना ऐसे ही लुटवाती रहुँ।
अधिकार (Rights) तो तुम्हे याद है पर कर्तव्य (Duty) भूल गए।
मैने बोला:- बहन मै तुम्हे यही बताना चाहता था। तुम्हारे शरीर/तुम्हारी इज्जत से कीमती गहना कोई नहीं। सोने चांदी हीरे के गहने तो तुम छुपा कर रखती हो पर अनमोल गहने की तुम नुमाइश कर रही हो, जबकी तुम्हे भी पता है गली
गली दरिंदे हैवान घूम रहे है। छोटे कपड़े पहनना तुम्हारा अधिकार (Rights) है, पर जैसे तुम सोना चांदी के गहनों को संभालना अपना कर्तव्य (Duty) समझती हो वैसे ही इज्जत को पर्दे में रखना भी तुम्हारा कर्तव्य (Duty) है। चोर हो या
बलात्कारी उन्हें शिक्षा/संस्कार/इज्जत से कुछ लेना देना नहीं। हमें खुद ही संभाल कर चलना पड़ेगा।
अपनी आँखों पर से पश्चमी सभ्यता (Western Culture) का चश्मा उतारना होगा। नारी के जरा से वस्त्र खींच लेने मात्र पर ” महाभारत ” लड़ने वाले आज देश की दुर्दशा देखिये…..!
” आज उसी नारी को दुपट्टा लेने को बोल दो तो ” महाभारत” हो जाती है ।।

Updated: November 25, 2015 — 5:20 pm

Mulla Nasruddin Short Hindi Story – मुल्ला नसीरुद्दीन और पडोसी

मुल्ला नसीरुद्दीन एक दिन अपने घर के बाहर खड़ा था तो उसका एक पडोसी उसके पास अपनी समस्या को लेकर आता है और मुल्ला से कहता है मुल्ला मेरे साथ एक बहुत बड़ी समस्या है और तुम एक बुद्धिमान व्यक्ति हो इसलिए मुझे लगता है तुम मेरी समस्या का समाधान कर सकते हो |

मुल्ला ने उस व्यक्ति को कहा ‘बताओ तुम्हारी समस्या क्या है ‘? उस व्यक्ति ने कहा मेरे घर में जगह की बहुत समस्या है और मैं और मेरी पत्नी तीन बच्चो के साथ मेरी सास भी है जिसकी वजह से हम सब बेहद परेशान है | मुल्ला ने कोई बात नहीं चिंता मत करो एक बात बताओ क्या तुम्हारे घर में मुर्गे है |

‘हाँ है ‘ उस व्यक्ति ने जवाब दिया तो मुल्ला ने कहा उन्हें भी अपने रहने वाली जगह में छोड़ दो इस पर उस व्यक्ति ने मुल्ला से कहा कि पहले से ही मेरे घर में बहुत कम जगह है इसलिए ऐसा करने से और भी कम हो जाएगी | “तुम्हे मेरी सलाह से कोई समस्या है तो मत मानो ” मुल्ला ने कहा |

वह व्यक्ति जानता था मुल्ला एक बुद्धिमान व्यक्ति है तो कुछ न कुछ तो कारण है इसलिए ऐसा करने को कहा रहा है इस पर उस व्यक्ति ने मुल्ला के कहे अनुसार वो कर दिया | मुल्ला ने अगले दिन आने को कहा |

अगले दिन वो व्यक्ति मुल्ला के पास आया और कहने लगा कुछ भी फर्क नहीं पड़ा उलटे हालत और बुरे हो गये है अब और भी जगह कम हो गयी है तो मुल्ला ने उसे कहा कि अब एक काम और करो अपने गधो को भी घर में खुला छोड़ दो वह आदमी परेशान हुआ लेकिन उसने वो भी किया और अगले दिन आकर कहा हालत और भी बुरे हो गया है अब तो बिलकुल भी जगह नहीं बची है इस पर मुल्ला ने कहा एक आखिरी काम और करो फिर तुम्हारी समस्या खत्म हो जाएगी और उसने बकरियों को भी बाड़े से लाकर खुला छोड़ने को कहा तुम उस आदमी को बड़ा गुस्सा आया और कहने लगा कि ऐसा कैसे हो सकता है तो भी मुल्ला के कहने पर उसने किया |

अगले दिन वो आदमी मुल्ला को बुरा भला कहने को आया तो मुल्ला ने उस से कहा अभी एक आखिरी काम करो तुम सब को घर से बाहर बड़े में जानवरों को बांध दो और कल आकर मुझे बताना कि घर के हालत कैसे है इस पर वह व्यक्ति चला गया |

अगले दिन वो बड़ा ही खुश होकर आया कि मुल्ला हालाँकि जगह तो उतनी है लेकिन फिर भी ऐसा लगता है कि अब घर खुला खुला सा हो गया है और हम अब सही से रह सकते है | तुम्हारे प्लान ने बहुत सही से काम किया है अब मैं समझ गया और वह व्यक्ति खुश होकर वंहा से चला गया |

ये कहानी आपको कैसी लगी इस बारे में अपने विचार हमे जरूर बताएं |

Updated: July 23, 2015 — 10:27 am

Mulla Nasruddin Short Hindi Story – मुल्ला नसीरूद्दीन की हाजिर जवाबी

एक बार मुल्ला नसीरूद्दीन ने एक आदमी से कुछ उधार लिया था। मुल्ला समय पर उधार चुका नहीं पाया और उस आदमी ने इसकी शिकायत बादशाह से कर दी। बादशाह ने मुल्ला को दरबार में बुलाया।

मुल्ला बेफिक्री के साथ दरबार पहुंचा। मुल्ला के दरबार पहुंचते ही वह आदमी बोला – बादशाह सलामत, मुल्ला ने बहुत महीने पहले मुझसे 500 दीनार बतौर कर्ज लिए थे और अब तक नहीं लौटाए। मेरी आपसे दरख्वास्त है कि बिना किसी देरी के मुझे मेरा उधार वापस दिलाया जाए।

यह सुनने के बाद मुल्ला ने जवाब में कहा – हुजूर, मैंने इनसे पैसे लिए थे मैं यह बात मानता हूं और मैं उधार चुकाने का इरादा भी रखता हूं। अगर जरूरत पड़ी तो मैं अपनी गाय और घोड़ा दोनों बेचकर भी इनका उधार चुकाऊंगा।

तभी वह आदमी बोला – यह झूठ कहता है हुजूर इसके पास न तो कोई गाय है और न ही कोई घोड़ा। अरे इसके पास ना तो खाने को है और न ही एक फूटी कौड़ी है।

इतना सुनते ही मुल्ला नसीरूद्दीन बोला – जहांपनाह! जब यह जानता है कि मेरी हालत इतनी खराब है, तो मैं ऐसे में जल्दी इसका उधार कैसे चुका सकता हूं। जब मेरे पास खाने को ही नहीं है तो मैं उधार दूंगा कहां से।

बादशाह ने यह सुना तो मामला रफा-दफा कर दिया। अपनी हाजिर जवाबी से मुल्ला नसीरूद्दीन एक बार फिर बच निकलने में कामयाब हो गया।

Updated: July 23, 2015 — 10:27 am

Mulla Nasruddin Short Hindi Story – मुल्ला नसरुद्दीन और एक फ़कीर

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एक बार मुल्ला नसरुदीन के गाँव के बाहर एक फ़कीर आया जिसने ये दावा किया कि वो किसी भी अनपढ़ को अपनी विद्या से कुछ ही पलों में साक्षर कर सकता है जिसके बाद वो कोई भी किताब या साहित्य को पढ़ सकता है |

मुल्ला ने ये सुन तो दौड़ा दौड़ा वंहा पहुंचा और फ़कीर से बोला कि क्या आप मुझे साक्षर कर सकते है | इस पर फ़कीर ने कहा हाँ क्यों नहीं इधर आओ | मुल्ला पास गया | फ़कीर ने मुल्ला के सर पर हाथ रखा और कुछ देर बाद उस से बोला कि अब जाओ और कुछ पढो |

मुल्ला अपने गाँव लौटा और आधे घंटे बाद वापिस हांफता हुआ आया | क्या हुआ इतने बदहवास क्यों हो और क्या तुम अब पढ़ सकते हो ? लोग पूछने लगे तो मुल्ला ने जवाब दिया “हाँ मैं पढ़ सकता हूँ पर मैं ये बताने नहीं आया हूँ मुझे ये बताओ वो ढोंगी फ़कीर कंहा है ?”

लोग कहने लगे फ़कीर ने तुम्हे कुछ ही मिनटों में पढने लायक बना दिया और तुम उन्ही को ढोंगी कह रहे हो शायद तुम पागल हो गये तो तो मुल्ला ने जवाब दिया मैंने जाते ही जो किताब पढ़ी उसमे लिखा हुआ है “सभी फ़कीर ढोंगी और बदमाश होते है ” इसलिए मैं उस फ़कीर को ढूंढ रहा हूँ | सब लोगो ने माथा पीट लिया |

Updated: July 23, 2015 — 10:27 am

Mulla Nasruddin Short Hindi Story – मुल्ला झील में

एक दिन मुल्ला नसीरुद्दीन अपने दोस्त के साथ कंही जा रहा था तो जब वो एक झील के किनारे से गुजर रहे होते है मुल्ला का पैर फिसल जाता है और वो झील में गिरते गिरते बचा क्योंकि उसके आगे आगे चल रहे उसके दोस्त ने उसे गिरने से बचा लिया |

वो दिन तो ठीक लेकिन उसके बाद जब वो आपस में मिलते तो इस बात का जिक्र उसका दोस्त जरुर कर देता जिसकी वजह से मुल्ला नसीरुद्दीन परेशान हो गया और सोचने लगा इस अहसान से मुक्ति कैसे प्राप्त की जाये | इस पर मुल्ला को एक विचार आया |

मुल्ला एक दिन अपने दोस्त को उसी झील पर ले गया और वंहा ले जाकर खुद समेत कपड़ो और जूतों के उस झील में खुद गया और जब वह पूरी तरह भीग गया तो अपने दोस्त को चिल्लाकर कहने लगा देखो अगर तुमने उस दिन मुझे नहीं बचाया होता झील में गिरने से तो अधिक से अधिक मेरी ये हालत हो सकती थी | इसलिए भगवान के लिए अब उस बारे में बात करना बंद करो उस बारे में याद दिलाना बंद कर दो |

इस कहानी के द्वारा मुल्ला नसीरुद्दीन के हास्यास्पद कृत्य से हम ये समझ सकते है कि जिन्दगी में बहुत से ऐसे सौहार्द पूर्ण काम होते है जो हम किसी के लिए करते है या कोई हमारे लिए करता है तो इसका मतलब ये नहीं है हम उसके बारे में अहसान की तरह उसे जताए क्योंकि ऐसे में आप चाहे कितना भी कुछ अच्छा कर लें उसका महत्व खत्म हो जाती है |

ये कहानी आपको कैसी लगी इस बारे में नीचे कमेन्ट करे |

Updated: July 23, 2015 — 10:27 am

Mulla Nasruddin Short Hindi Story – क्या गारंटी है ?

क्या गारंटी है – एक बार एक देश के राजा ने मुल्ला नसीरूदीन को बुलाया और उस से पूछा कि मुल्ला तुम्हारे बारे में मैंने बहुत सुना है कि तुम बहुत चालक हो और बुद्दिमान भी इसलिए क्या तुम एक काम कर सकते हो जो मैं तुमसे कहने वाला हूँ |

इस पर मुल्ला ने कहा मैं कुछ भी कर सकता हूँ बस आप एक बार आज्ञा दे | इस पर राजा ने कहा क्या तुम अपने इस प्रिय गधे को पढना सिखा सकते हो इस पर मुल्ला ने कहा हाँ क्यों नहीं मैं इसे आराम से सिखा सकता हूँ | इस पर राजा ने कहा ‘बकवास मत करो ‘ क्या गारंटी है तुम ऐसा कर सकते हो |

मुल्ला ने जवाब दिया कि एक काम कीजिये आप मुझे पचास हजार स्वर्ण मुद्राएँ दीजिये उसके बाद मैं गारंटी लेता हूँ कि आठ साल के अंदर मैं इस गधे को पढना सिखा सकता हूँ इस पर राजा ने कहा अगर तुम ऐसा कर पाने में सफल नहीं होते हो तो मैं तुम्हे जेल में डाल दूंगा और तुम्हे रोज टॉर्चर किया जायेगा | मुल्ला ने हामी भर ली और वंहा से चला गया |

घर आने के बाद मुल्ला से उसके एक दोस्त ने कहा ‘ मुल्ला तुमने ये क्या किया ?’ सब जानते है तुम ऐसा नहीं कर सकते फिर भी तुमने राजा को यह वचन दे दिया है क्या तुम्हे जेल जाने से डर नहीं लगता मुल्ला ने सहज भाव से उत्तर दिया तुम इतना ज्यादा मत सोचो क्योंकि आठ साल में तो या तो हमारा राजा नहीं रहेगा और हो सकता है मेरा गधा भी तब तक नहीं रहे लेकिन फिर भी अगर ऐसा होता है कि सात साल तक दोनों में से कोई भी नहीं जाता तो मेरे पास पूरा एक साल है कि मैं सोच सकता हूँ राजा की सज़ा से कैसे बचा जा सकता है |

मुल्ला नसीरूदीन की ये कहानी एक मजाक से अधिक हमे यही सिखाती है कि बहुत अधिक भविष्य के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए और वर्तमान में जीना चाहिए |

Updated: July 23, 2015 — 10:27 am
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