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Category: Inspiring Stories – Hindi

Hindi Short Story On Power Of Women – औरत की ताकत

औरत की ताकत

एक रात प्रेसिडेंट ओबामा अपनी पत्नी मिशेल के साथ कैज़ुअल डिनर पर एक होटल गए। होटल मालिक ने सीक्रेट सर्विस कमांडोज़ से मिसेज ओबामा से बात करने की रिक्वेस्ट की।मिशेल होटल मालिक से मिली बात की।
जब लौट कर आईं तो ओबामा ने मिशेल से पुछा कौन है क्या कह रहा था तुमसे बात करने में इतना इंट्रेस्टेड क्यों था। मिशेल ने कहा टीनऎज दौर में वो मुझको पागलों की तरह बेइंतिहां चाहता था।
राष्ट्रपति ओबामा बोले अगर तुम इससे शादी कर लेतीं तो इस खूबसूरत होटल की मालकिन होतीं।
मिसेज ओबामा मिशेल ने बेहतरीन जवाब दिया- बोलीं नहीं अगर मैं इससे शादी कर लेती तब तुम्हारी जगह ये अमेरिका का राष्ट्रपति होता।

(power of women) – Hindi Short Inspirational Story

Updated: June 16, 2017 — 4:49 pm

Very Inspiring Short Hindi Story With Anmol Vachan And Suvichar – वसीयत और नसीहत

​*वसीयत और नसीहत*
एक दौलतमंद इंसान ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा, 
*”बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, मेरी यह इक्छा जरूर पूरी करना ।*
पिता के मरते ही नहलाने के बाद, बेटे ने पंडितजी से पिता की आखरी इक्छा बताई ।
*पंडितजी ने कहा: हमारे धर्म में कुछ भी पहनाने की इज़ाज़त नही है ।*
पर बेटे की ज़िद थी कि पिता की आखरी इक्छ पूरी हो ।
बहस इतनी बढ़ गई की शहर के पंडितों को जमा किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला ।
*इसी माहौल में एक व्यक्ति आया, और आकर बेटे के हाथ में पिता का लिखा हुअा खत दिया, जिस में पिता की नसीहत लिखी थी*
“मेरे प्यारे बेटे”
*देख रहे हो..? दौलत, बंगला, गाड़ी और बड़ी-बड़ी फैक्ट्री और फॉर्म हाउस के बाद भी, मैं एक फटा हुअा मोजा तक नहीं ले जा सकता ।*
*एक रोज़ तुम्हें भी मृत्यु आएगी, आगाह हो जाओ, तुम्हें भी एक सफ़ेद कपडे में ही जाना पड़ेगा ।*
*लिहाज़ा कोशीष करना,पैसों के लिए किसी को दुःख मत देना, ग़लत तरीक़े से पैसा ना कमाना, धन को धर्म के कार्य में ही लगाना ।*
*क्यूँकि अर्थी में सिर्फ तुम्हारे कर्म ही जाएंगे”।*
*इसको गोर से पढ़ो दोस्तों* 
इन्सान फिर भी धन की लालसा नहीं छोड़ता, भाई को भाई नहीं समझता, इस धन के कारण भाई मां बाप सबको भूल जाता है अंधा हो जाता है



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Updated: July 28, 2016 — 10:20 pm

Heart Touching Inspiring Husband Wife Story – जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए

एक पत्नी ने अपने पति से आग्रह किया कि वह उसकी छह कमियां बताएं जिन्हें सुधारने से वह बेहतर पत्नी बन जाए।

पति यह सुनकर हैरान रह गया और असमंजस की स्थिति में पड़ गया. उसने सोचा कि मैं बड़ी आसानी से उसे 6 ऐसी बातों की सूची थमा सकता हूं , जिनमें सुधार की जरूरत थी ।

और ईश्वर जानता है कि वह ऐसी 60 बातों की सूची थमा सकती थी, जिसमें पति को सुधार की जरूरत थी.

परंतु पति ने ऐसा नहीं किया और कहा – मुझे इस बारे में सोचने का समय दो मैं तुम्हें सुबह इसका जबाब दे दूंगा।

पति अगली सुबह जल्दी ऑफिस गया और फूल वाले को फोन करके उसने अपनी पत्नी के लिए छह गुलाबों का तोहफा भिजवाने के लिए कहा जिसके साथ यह चिट्ठी लगी हो, “मुझे तुम्हारी छह कमियां नहीं मालूम, जिनमें सुधार की जरूरत है. तुम जैसी भी हो मुझे बहुत अच्छी लगती हो.”

उस शाम पति जब आफिस से लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी दरवाज़े पर खड़ी उसका इंतज़ार कर रही थी और उसकी आंखों में सू भरे हुए थे। यह कहने की जरूरत नहीं कि उनके जीवन की मिठास कुछ और बढ़ गई थी।

पति इस बात पर बहुत खुश था कि पत्नी के आग्रह के बावजूद उसने उसकी छह कमियों की सूची नहीं दी थी।
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सार ये है कि- जिंदगी का ये हुनर भी आज़माना चाहिए,
जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए..

जनहित में चेतावनी: पत्नी पर हमेशा जोक्स ठीक नहीं, कभी-कभी अच्छा खाने-पीने और घर की सुख-शांति के लिए सीरियस भी हो जाना चाहिये…


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Updated: December 24, 2015 — 12:03 pm

Heart Touching Hindi Short Story On Girl’s Ways Of Dressing

Heart Touching Hindi Short Story On Girl’s Ways Of Dressing…

कृप्या सभी लडकीयां इसे ध्यान से पढें
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एक लड़की से मैने पुछा:- बहन तुमने यह Artificial Ear Rings, Locket और Ring क्यों पहनी है? तुम्हारे Branded कपड़ो से तो तुम गरीब नहीं लग रही !
लड़की बोली:- भाई आज कल असली गहने पहनने का जमाना नहीं, गली गली चोर घुम रहे है। घरवाले पुलिस वाले हर कोई मना करता है असली पहनने को।
मैने पूछा बहन पर कोई तुम्हें ऐसा करने से कैसे रोक सकता है, जबकी यह तुम्हारा अधिकार (Rights) है। कानून भी तुम्हे ऐसा करने से नहीं रोक सकता। फिर तुम पर एैसी पाबंदी क्यों?
लड़की बोली:- तुम पागल तो नही हो गए। आज कल गली-गली चोर बदमाश घूम रहे है, क्या मै इतने कीमती गहना ऐसे ही लुटवाती रहुँ।
अधिकार (Rights) तो तुम्हे याद है पर कर्तव्य (Duty) भूल गए।
मैने बोला:- बहन मै तुम्हे यही बताना चाहता था। तुम्हारे शरीर/तुम्हारी इज्जत से कीमती गहना कोई नहीं। सोने चांदी हीरे के गहने तो तुम छुपा कर रखती हो पर अनमोल गहने की तुम नुमाइश कर रही हो, जबकी तुम्हे भी पता है गली
गली दरिंदे हैवान घूम रहे है। छोटे कपड़े पहनना तुम्हारा अधिकार (Rights) है, पर जैसे तुम सोना चांदी के गहनों को संभालना अपना कर्तव्य (Duty) समझती हो वैसे ही इज्जत को पर्दे में रखना भी तुम्हारा कर्तव्य (Duty) है। चोर हो या
बलात्कारी उन्हें शिक्षा/संस्कार/इज्जत से कुछ लेना देना नहीं। हमें खुद ही संभाल कर चलना पड़ेगा।
अपनी आँखों पर से पश्चमी सभ्यता (Western Culture) का चश्मा उतारना होगा। नारी के जरा से वस्त्र खींच लेने मात्र पर ” महाभारत ” लड़ने वाले आज देश की दुर्दशा देखिये…..!
” आज उसी नारी को दुपट्टा लेने को बोल दो तो ” महाभारत” हो जाती है ।।

Updated: November 25, 2015 — 5:20 pm

Very Heart Touching Hindi Story On Father

बड़े गुस्से से मैं घर से चला आया ..

इतना गुस्सा था की गलती से पापा के ही जूते पहन के निकल गया
मैं आज बस घर छोड़ दूंगा, और तभी लौटूंगा जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा …

जब मोटर साइकिल नहीं दिलवा सकते थे, तो क्यूँ इंजीनियर बनाने के सपने देखतें है …..
आज मैं पापा का पर्स भी उठा लाया था …. जिसे किसी को हाथ तक न लगाने देते थे …

मुझे पता है इस पर्स मैं जरुर पैसो के हिसाब की डायरी होगी ….
पता तो चले कितना माल छुपाया है …..
माँ से भी …

इसीलिए हाथ नहीं लगाने देते किसी को..

जैसे ही मैं कच्चे रास्ते से सड़क पर आया, मुझे लगा जूतों में कुछ चुभ रहा है ….
मैंने जूता निकाल कर देखा …..
मेरी एडी से थोडा सा खून रिस आया था …
जूते की कोई कील निकली हुयी थी, दर्द तो हुआ पर गुस्सा बहुत था ..

और मुझे जाना ही था घर छोड़कर …

जैसे ही कुछ दूर चला ….
मुझे पांवो में गिला गिला लगा, सड़क पर पानी बिखरा पड़ा था ….
पाँव उठा के देखा तो जूते का तला टुटा था …..

जैसे तेसे लंगडाकर बस स्टॉप पहुंचा, पता चला एक घंटे तक कोई बस नहीं थी …..

मैंने सोचा क्यों न पर्स की तलाशी ली जाये ….

मैंने पर्स खोला, एक पर्ची दिखाई दी, लिखा था..
लैपटॉप के लिए 40 हजार उधार लिए
पर लैपटॉप तो घर मैं मेरे पास है ?

दूसरा एक मुड़ा हुआ पन्ना देखा, उसमे उनके ऑफिस की किसी हॉबी डे का लिखा था
उन्होंने हॉबी लिखी अच्छे जूते पहनना ……
ओह….अच्छे जुते पहनना ???
पर उनके जुते तो ………..!!!!

माँ पिछले चार महीने से हर पहली को कहती है नए जुते ले लो …
और वे हर बार कहते “अभी तो 6 महीने जूते और चलेंगे ..”
मैं अब समझा कितने चलेंगे

……तीसरी पर्ची ……….
पुराना स्कूटर दीजिये एक्सचेंज में नयी मोटर साइकिल ले जाइये …
पढ़ते ही दिमाग घूम गया…..
पापा का स्कूटर ………….
ओह्ह्ह्ह

मैं घर की और भागा……..
अब पांवो में वो कील नही चुभ रही थी ….

मैं घर पहुंचा …..
न पापा थे न स्कूटर …………..
ओह्ह्ह नही
मैं समझ गया कहाँ गए ….

मैं दौड़ा …..
और
एजेंसी पर पहुंचा……
पापा वहीँ थे ……………

मैंने उनको गले से लगा लिया, और आंसुओ से उनका कन्धा भिगो दिया ..

…..नहीं…पापा नहीं…….. मुझे नहीं चाहिए मोटर साइकिल…

बस आप नए जुते ले लो और मुझे अब बड़ा आदमी बनना है..

वो भी आपके तरीके से …।।

“माँ” एक ऐसी बैंक है जहाँ आप हर भावना और दुख जमा कर सकते है…

और

“पापा” एक ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिनके पास बैलेंस न होते हुए भी हमारे सपने पूरे करने की कोशिश करते है……..

 

मैं अपने पेरेंट्स से प्यार करता हुँ…….♥ ♥ ♥…

अगर दिल के किसी कोने को छू जाये तो शेयर कर देना…..

Updated: June 13, 2015 — 7:23 am

Heart Touching Stroy In Hindi Font On Gau Hatya

एक बार एक कसाई गाय को काट रहा था और गाय हँस रही थी…. . . . ये सब देख के कसाई बोला.. “मै तुम्हे मार रहा हू और तुम मुझपर हँस क्यो रही हो…?” . . . . . गाय बोलीः जिन्दगी भर मैने घास के सिवा कुछ नही खाया… फिर भी मेरी मौत इतनी दर्दनाक है. तो हे इंसान जरा सोच तु मुझे मार के खायेगा तो तेरा अंत कैसा होगा…?. दूध पिला कर मैंने तुमको बड़ा किया… अपने बच्चे से भी छीना पर मैंने तुमको दूध दिया रूखी सूखी खाती थी मैं, कभी न किसी को सताती थी मैं… कोने में पड़ जाती थी मैं, दूध नहीं दे सकती मैं, अब तो गोबर से काम तो आती थी मैं,मेरे उपलों कीआग से तूने, भोजन अपना पकाया था… गोबर गैस से रोशन कर के, तेरा घर उजलाया था… क्यों मुझको बेच रहा रे, उस कसाई के हाथों में…?? पड़ी रहूंगी इक कोने में, मत कर लालच माँ हूँ मैं… मैं हूँ तेरे कृष्ण की प्यारी, वह कहता था जग से न्यारी… उसकी बंसी की धुन पर मैं, भूली थी यह दुनिया सारी.. मत कर बेटा तू यह पाप, अपनी माँ को न बेच आप… रूखी सूखी खा लूँगी मैं किसी को नहीं सताऊँगी मैं तेरे काम ही आई थी मैं तेरे काम ही आउंगी मैं… अगर आप गौमाता से प्यार करते हैं और आपने गौमाता का दूध पिया है1 तो इस मेसेज को शेयर करके थोडा बहुत दूध का कर्ज चुकता करे…. सर्व कि एक पुकार… गौ हत्या अब नहीं स्वीकार….!! गौमाता की यह पीड़ा जन जन तक पहुँचाने के लिये केवल 2 मिनट का समय निकाल कर दोस्तों को शेयर जरुर करें……..!!

Updated: May 16, 2015 — 11:35 am

Inspirational Story In Hindi Font – चोरी का माल मोरी में

हमारे घर के पास एक डेरी वाला है. वह डेरी वाला एसा है कि आधा किलो घी में अगर घी 50२ ग्राम तुल गया तो 2 ग्राम घी निकाल लेता था.

एक बार मैं आधा किलो घी लेने गया. उसने मुझे 90 रूपय ज्यादा दे दिये. मैंने कुछ देर सोचा और पैसे लेकर निकल लिया. मैंने मन में सोचा कि 2-2 ग्राम से तूने जितना बचाया था बच्चू अब एक ही दिन में निकल गया. मैंने घर आकर अपनी गृहल्क्षमी को कुछ नहीं बताया और घी दे दिया. उसने जैसे ही घी डब्बे में पलटा आधा घी बिखर गया. मुझे झट से “बेटा चोरी का माल मोरी में” वाली कहावत याद आ गयी. और साहब यकीन मानीये वो घी किचन की सिंक में ही गिरा था.

इस वाकये को कई महीने बीत गये थे. परसों शाम को मैं एग रोल लेने गया. उसने भी मुझे सत्तर रूपय ज्याद दे दिये. मैंने मन ही मन सोचा चलो बेटा आज फिर चैक करते हैं की क्या वाकई भगवान हमें देखता है. मैंने रोल पैक कराये और पैसे लेकर निकल लिया. आश्चर्य तब हुआ जब एक रोल अचानक रास्ते में ही गिर गया. घर पहुँचा, बचा हुआ रोल टेबल पर रखा, जूस निकालने के लिये अपना मनपसंद काँच का गिलास उठाया… अरे यह क्या गिलास हाथ से फिसल कर टूट गया. मैंने हिसाब लगाय करीब-करीब सत्तर में से साठ रूपय का नुकसान हो चुका था. मैं बडा आश्चर्यचकित था.

और अब सुनिये ये भगवान तो मेरे पीछे ही पड गया जब कल शाम को सुभिक्षा वाले ने मुझे तीस रूपय ज्याद दे दिये. मैंने अपनी धर्म-पत्नी से पूछा क्या कहती हो एक ट्राई और मारें. उन्होने मुस्कुराते हुये कहा – जी नहीं. और हमने पैसे वापस कर दिये. बाहर आकर हमारी धर्म-पत्नी जी ने कहा – वैसे एक ट्राई और मारनी चाहिये थी. बस इतना कहना था कि उन्हें एक ठोकर लगी और वह गिरते-गिरते बचीं.

मैं सोच में पड गया कि क्या वाकई भगवान हमें देख रहा है.

Updated: May 16, 2015 — 11:35 am

Short Inspiring Hindi Story – एक दिन ‘दर्द’ ने ‘दौलत’ से कहा

एक दिन ‘दर्द’ ने ‘दौलत’ से
कहा -:

“तुम कितनी खुशनसीब हो
कि हर कोई तुम्हें पाने की
कोशिश करता है और मैं
इतना बदनसीब हूँ कि हर
कोई मुझसे दूर जाने की
कोशिश करता है।”

‘दौलत’ ने बहुत प्यारा
जवाब दिया -:

“खुशनसीब तो तुम हो ,
जिसको पाकर लोग अपनो
को याद करते हैं…

बदनसीब तो मैं हूँ जिसको
पा कर लोग अक्सर अपनों
को भूल जाते हैँ”

Updated: February 13, 2015 — 2:55 pm

A Motivational Short Story In Hindi – Prerak Bodh Katha

एक राजा था। वह एक दिन अपने वज़ीर से नाराज हो गया और उसे एक बहुत बड़ी मीनार के ऊपर कैद कर दिया। एक प्रकार से यह अत्यन्त कष्टप्रद मृत्युदण्ड ही था। न तो उसे कोई भोजन पहुंचा सकता था और न उस गगनचुम्बी मीनार से कूदकर उसके भागने की कोई संभावना थी।

जिस समय उसे पकड़कर मीनार पर ले जाया रहा था, लोगों ने देखा कि वह जरा भी चिंतित और दुखी नहीं है, उल्टे सदा की भांति आनंदित और प्रसन्न है। उसकी पत्नी ने रोते हुए उसे विदा दी और पूछा, “तुम इतने प्रसन्न क्यों हो?”

उसने कहा, “यदि रेशम का एक बहुत पतला सूत भी मेरे पास पहुंचाया जा सकता तो मैं स्वतंत्र हो जाऊंगा। क्या इतना-सा काम भी तुम नहीं कर सकोगी?”

उसकी पत्नी ने बहुत सोचा, लेकिन इतनी ऊंची मीनार पर रेशम कापतला धागा पहुंचाने का कोई उपाय उसकी समझ में न आया। तब उसने एक फकीर से पूछा। फकीर ने कहा, “भृंग नाम के कीड़े को पकड़ो। उसके पैर में रेशम के धागे को बांध दो और उसकी मूंछों के बालों पर शहद की एक बूंद रखकर उसका मुंह चोटी की ओर करके मीनार पर छोड़ दो।”

उसी रात को ऐसा किया गया। वह कीड़ा सामने मधु की गंध पाकर, उसे पाने के लोभ में, धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगा और आखिर उसने अपनी यात्रा पूरी कर ली। रेशम के धागे का एक छोर कैदी के हाथ में पहुंच गया।

रेशम का यह पतला धागा उसकी मुक्ति और जीवन बन गया। उससे फिर सूत का धागा बांधकर ऊपर पहुंचाया गया, फिर सूत के धागे से डोरी और डोरी से मोटा रस्सा। उस रस्से के सहारे वह कैद से बाहर हो गया।

सूर्य तक पहुंचने के लिए प्रकाश की एक किरण बहुत है। वह किरण किसी को पहुंचानी भी नहीं है। वह तो हर एक के पास मौजूद है।

Updated: January 8, 2015 — 7:55 pm

Very Very Heart Touching Short Hindi Story On Mother

क्या गुजरी होगी उस बुढ़ी माँ के दिल पर जब उसकी बहु ने कहा -: माँ जी,आप अपना खाना बना लेना, मुझे और इन्हें आज एक पार्टी में जाना है ..!!

बुढ़ी माँ ने कहा -: बेटी मुझे गैस चुल्हा चलाना नहीं आता ..!!

तो बेटे ने कहा -: माँ, पास वाले मंदिर में आज भंडारा है, तुम वहाँ चली जाओ ना खाना बनाने की कोई नौबत ही नहीं आयेगी..!!!

माँ चुपचाप अपनी चप्पल पहन कर मंदिर की ओर हो चली..

यह पुरा वाक्या 10 साल का बेटा रोहन सुन रहा था | पार्टी में जाते वक्त रास्ते में रोहन ने अपने पापा से कहा -: पापा, मैं जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना तब मैं भी अपना घर किसी मंदिर के पास ही बनाऊंगा ..!!!

माँ ने उत्सुकतावश पुछा -: क्यों बेटा ?

रोहन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर उस बेटे और बहु का सिर शर्म से नीचे झुक गया जो अपनी माँ को मंदिर में छोड़ आए थे..

रोहन ने कहा -: क्योंकि माँ, जब मुझे भी किसी दिन ऐसी ही किसी पार्टी में जाना होगा तब तुम भी तो किसी मंदिर में भंडारे में खाना खाने जाओगी ना और मैं नहीं चाहता कि तुम्हें कहीं दूर के मंदिर में जाना पड़े..!!!!

पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है पत्ता तब तक सलामत है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है क्योंकि परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल जाती है लेकिन संस्कार चले जाते हैं ..एक कब्र पर लिखा था.. किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो…,जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे,और दफनाने वाले भी अपने थे.. अछी लगे तो आगे जरुर शेयर करना…

Updated: January 4, 2015 — 1:24 pm
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