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Category: Stories

A Heart Touching Short Story – Love And Ego

Once there was an island where all the feelings lived together.
One day there was a storm in the sea and the island was about to drown.
Every Feeling was scared but Love made a boat to escape.
All the feelings jumped in the boat except for one feeling.
Love got down to see who it was…It was Ego!!
Love tried & tried but Ego didnt move..
Everyone asked Love to leave Ego
& come in the boat but Love was meant to Love….
It remained with Ego.
All other feelings were left alive but Love died because of Ego!!

Updated: December 11, 2014 — 10:57 am

Have faith in yourself. Don’t believe others blindly.

The Brahmin and the Crooks

In a village, there lived a poor Brahmin priest. He was pious, dutiful and very superstitious.
One day, the Brahmin left for a neighbouring Village to collect a gift that he had been promised from a rich landlord. Finishing his job in the neighbouring village, he was on his way back carrying his gift-a fat and healthy goat on his shoulders.
Three hungry crooks crossed his path. They saw the healthy goat on the Brahmin’s shoulders and whispered, “That is a very plump goat. Let us trick the Brahmin and take the goat away. We can then make a tasty dish out of it”
They soon made a plan. The three of them went in separate ways.
The first one stopped the Brahmin and exclaimed in horror, “Oh my god! Such a respected priest and carrying a dog on his shoulders? Don’t you know that it is a sin to touch a dog, or a rooster, or a donkey?”
The Brahmin lost his temper. “You stupid fellow, are you blind? Can’t you see it is a goat, not a dog?”
“Don’t be angry,” replied the first crook. “If you think it is not a dog, then please carry on. But isn’t it ridiculous that you are carrying a dog?”
 The Brahmin hardly walked a few more yards when the second crook stopped the Brahmin and looked at him in shock.
`How can a reputed priest like you carry a dead calf on the shoulder?” exclaimed the crook.
The Brahmin yelled, “Are you blind too? This is a healthy and live goat and you say he is a dead calf. You are an ignorant fool!”
 “All right, sir,” said the second crook. “Please forgive me. Do as you please.”
“What’s wrong with everyone?” wondered the furious Brahmin as he hurried towards his home. “The whole world has gone mad?”
Now it was the turn of the third crook to the Brahmin’s path. “Sir, why are you carrying a donkey on your shoulders? It is going to bring you misfortune.”
Now the Brahmin was confused. Three people have said that the goat was something else. “Have I been given a ghost that keeps changing into a dog, a dead calf or a donkey!” he wondered. “I don’t want this creature.”
 “Before it turns into something else, I better get rid of it.” Confused and scared, he threw the goat to the ground and took to his heels.
Coming out of their hiding place, the crooks took the goat and laughed at the stupidity of the Brahmin. Listening to others blindly, he got duped.
MORAL Have faith in yourself. Don’t believe others blindly.

Updated: December 9, 2014 — 2:43 pm

Prerak Hindi Story – Inspirational Kahani – धन की देवी और भूख की देवी

धन की देवी और भूख की देवी में
झगडा हो गया कारण…
दोनों में सुन्दर कौन .. न्याय कौन करे ?
इतने में उन्होंने देखा एक साधू महाराज को …..
दोनों महाराज के पास गयी, और पूछा हममे सुन्दर
कौन ?
महाराज ने दोनों का परिचय जाना और डर गये
किसको सुन्दर कहे..एक को सुन्दर कहते दूसरी नाराज
सोचने लगे ..सोचने के बाद उन्हें कहा..
दोनों सामने पेड़ तक जा के आओ फिर बताऊ
दोनों वापिस आई और पूछा ..अब बताओ
महाराज बोले :
जाते समय भूख ..सुन्दर लग रही थी
आते समय लक्ष्मी सुन्दर लग रही थी ….

Updated: October 2, 2018 — 1:48 pm

Motivational Short Story In Hindi – Practice Is The Greatest Teacher!!!

गुरु द्रोणाचार्य, पाण्डवोँ और कौरवोँ के गुरु थे, उन्हेँ धनुर्विद्या का ज्ञान देते थे।

एक दिन एकलव्य जो कि एक गरीब शुद्र परिवार से थे. द्रोणाचार्य के पास गये और बोले कि गुरुदेव मुझे भी धनुर्विद्या का ज्ञान प्राप्त करना है आपसे अनुरोध है कि मुझे भी आपका शिष्य बनाकर धनुर्विद्या का ज्ञान प्रदान करेँ।

किन्तु द्रोणाचार्य नेँ एकलव्य को अपनी विवशता बतायी और कहा कि वे किसी और गुरु से शिक्षा प्राप्त कर लें।

यह सुनकर एकलव्य वहाँ से चले गये।

इस घटना के बहुत दिनों बाद अर्जुन और द्रोणाचार्य शिकार के लिये जंगल की ओर गये। उनके साथ एक कुत्ता भी गया हुआ था। कुत्ता अचानक से दौड़ते हुय एक जगह पर जाकर भौँकनेँ लगा, वह काफी देर तक भोंकता रहा और फिर अचानक ही भौँकना बँद कर दिया। अर्जुन और गुरुदेव को यह कुछ अजीब लगा और वे उस स्थान की और बढ़ गए जहाँ से कुत्ते के भौंकने की आवाज़ आ रही थी।

उन्होनेँ वहाँ जाकर जो देखा वो एक अविश्वसनीय घटना थी। किसी ने कुत्ते को बिना चोट पहुंचाए उसका मुँह तीरोँ के माध्यम से बंद कर दिया था और वह चाह कर भी नहीं भौंक सकता था। ये देखकर द्रोणाचार्य चौँक गये और सोचनेँ लगे कि इतनी कुशलता से तीर चलाने का ज्ञान तो मैनेँ मेरे प्रिय शिष्य अर्जुन को भी नहीं दिया है और न ही ऐसे भेदनेँ वाला ज्ञान मेरे आलावा यहाँ कोई जानता है…. तो फिर ऐसी अविश्वसनीय घटना घटी कैसे?

तभी सामनेँ से एकलव्य अपनेँ हाथ मेँ तीर-कमान पकड़े आ रहा था।

ये देखकर तो गुरुदेव और भी चौँक गये।

द्रोणाचार्य नेँ एकलव्य से पुछा ,” बेटा तुमनेँ ये सब कैसे कर दिखाया।”

तब एकलव्य नेँ कहा , ” गुरूदेव मैनेँ यहाँ आपकी मूर्ती बनाई है और रोज इसकी वंदना करने के पश्चात मैं इसके समकक्ष कड़ा अभ्यास किया करता हूँ और इसी अभ्यास के चलते मैँ आज आपके सामनेँ धनुष पकड़नेँ के लायक बना हूँ।

गुरुदेव ने कहा , ” तुम धन्य हो ! तुम्हारे अभ्यास ने ही तुम्हेँ इतना श्रेष्ट धनुर्धर बनाया है और आज मैँ समझ गया कि अभ्यास ही सबसे बड़ा गुरू है।”

Updated: December 4, 2014 — 3:27 pm

Short Inspirational Story In Hindi – Ishwar Ki Marji

एक बच्चा अपनी माँ के साथ एक दुकान पर
शॉपिंग करने गया तो दुकानदार ने
उसकी मासूमियत देखकर
उसको सारी टॉफियों के डिब्बे खोलकर
कहा-: “लो बेटा टॉफियाँ ले लो…!!!”
पर उस बच्चे ने भी बड़े प्यार से उन्हें मना कर दिया. उसके बावजूद उस दुकानदार
ने और उसकी माँ ने भी उसे बहुत कहा पर
वो मना करता रहा. हारकर उस दुकानदार ने
खुद अपने हाथ से टॉफियाँ निकाल कर
उसको दीं तो उसने ले लीं और अपनी जेब में
डाल ली….!!!! वापस आते हुऐ उसकी माँ ने पूछा कि”जब
अंकल तुम्हारे सामने डिब्बा खोल कर
टाँफी दे रहे थे , तब तुमने नही ली और जब
उन्होंने अपने हाथों से दीं तो ले ली..!!
ऐसा क्यों..??”
तब उस बच्चे ने बहुत खूबसूरत प्यारा जवाब दिया -: “माँ मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं… अगर मैं
टॉफियाँ लेता तो दो तीन
टाँफियाँ ही आती जबकि अंकल के हाथ बड़े
हैं इसलिये ज्यादा टॉफियाँ मिल गईं….!!!!!”
बिल्कुल इसी तरह जब भगवान हमें देता है
तो वो अपनी मर्जी से देता है और वो हमारी सोच से परे होता है,
हमें हमेशा उसकी मर्जी में खुश
रहना चाहिये….!!!
क्या पता..??
वो किसी दिन हमें पूरा समंदर
देना चाहता हो और हम हाथ में चम्मच लेकर खड़े हों…

Updated: December 3, 2014 — 11:21 am

Very Funny Short Story In Hindi

एक बार एक आदमी रोड से जा रहा था उसके पास गाड़ी के कागजात नही थे।,
तो एक पुलिस वाले ने रोक दिया। तो उसने कहा सर आपको जो लेना हो ले लें लेकिन आगे जाकर फिर कुछ न देना पड़े। पुलिस वाले ने कहा की ठीक है अगर आगे कोई पुलिस वाला रोके तो कहना ”तोता”
वो आदमी आगे गया। उसे एक पुलिस वाले ने रोका और कागजात के बारे में पूछा तो उसने कहा ”तोता” पुलिस वाले ने कहा ठीक है जाओ।
दुसरे दिन जब वो किसी और रोड से निकल रहा था तो फिर एक पुलिस वाले ने रोक लिया। तो उसने सोचा की कल तोता कहकर छुट गया था,आज भी कह दो। तो उसने कहा ”तोता” पुलिस वाले ने कहा ”गाड़ी साइड में लगा दो आज ”कौवा” है। ”

 

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Updated: December 11, 2015 — 4:46 pm
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