Ghazal Shayari Hindi Mein – Kaise Keh Du Ki Mulaqaat Nahi Hoti Hai

कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती है,
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है;
आप लिल्लाह न देखा करें आईना कभी,
दिल का आ जाना बड़ी बात नहीं होती है;
छुप के रोता हूँ तेरी याद में दुनिया भर से,
कब मेरी आँख से बरसात नहीं होती है;
हाल-ए-दिल पूछने वाले तेरी दुनिया में कभी,
दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है;
जब भी मिलते हैं तो कहते हैं कैसे हो,
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती है!

Sad Ghazal Hindi Mein – Daaman Bhi Khaali Ho Gaya

दामन भी खाली हो गया ख़ुशीयां जलाते जलाते,
बरबाद हो गये हम तुझको भुलाते भुलाते,
थक गयीं रातों की परियां हो गयीं सुनसान गलियां,
मायूस हो गयी हवा भी मुझको सुलाते सुलाते,
बढ़ गयी मंजिल की दूरी चाह रह गयी अधूरी,
आ गये हम कब्र तक दूरी घटाते घटाते,
इश्क़ में हारे हैं यारो हुस्न के मारे हैं यारो,
मिट गये हम उनके दिल से नफ़रत मिटाते मिटाते।

Hindi Ghazal Poetry – Samandar Saare Sharaab Hote To Socho

समंदर सारे शराब होते तो सोचो, कितने फसाद होते;
हकीक़त सारे ख्वाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
किसी के दिल में क्या छुपा है, बस ये खुदा ही जानता है;
दिल अगर बे नक़ाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
थी ख़ामोशी फितरत हमारी, तभी तो बरसों निभा गए;
अगर हमारे मुंह में भी जवाब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!
हम अच्छे थे पर, लोगों की नज़र मे रहे बुरे;
कहीं हम सच में खराब होते तो सोचो, कितने फसाद होते!

Hindi Shayari Ghazal By Broken Heart Lover – Baat Din Ki Nahi Ab Raat

Baat Din Ki Nahi Ab Raat Say Dar Lagta Hai,
Ghar Hai Kacha Mera Barsaat Say Dar Lagta Hai,

Tere Tohfay Nay To Bas Khoon K Aansoo Hi Diye,
Aye Zindagi Ab Teri Har Saugaat Say Dar Lagta Hai,

Pyar Ko Chorr Ker Tum Aur Koi Baat Karo,
Ab Mujhay Pyar Ki Har Baat Say Dar Lagta Hai,

Meri Khatir Na Wo Bandnaam Kahin Ho Jaye,
Iss Liye UsKi Mulaqaat Say Dar Lagta Hai…!

अमीर आगा किज़ल्बाश ग़ज़ल – Mere Junoon Ka Nateeja Jarur Niklega

अमीर आगा किज़ल्बाश ग़ज़ल (Amir Agha Qazalbash’s ghazal) :

मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समंदर से नूर निकलेगा

गिरा दिया है तो साहिल पे इंतज़ार न कर
अगर वोह डूब गया है तो दूर निकलेगा

उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा

यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा

 

मोहब्बत में कोई फरमाइश न करना

मोहब्बत में कोई फरमाइश न करना
मेरी ग़ुरबत की फिर नुमाइश न करना

जान तो मुस्कुरा कर दूंगा अगर चाहो
वफ़ा के नाम पर हज़ार आज़माइश न करना

ख्वाबों की ताबीर भी बदल जाती है
कभी ख्वाबों की ख्वाइश न करना

आँखों में पानी देख कर जल न जाये
देखना समुन्दर के करीब रिहायश न करना

तू नहीं पास मगर दिल में मेरे शाकिर
इन फ़ासलों की कभी पैमाइश मत करना

अपना ग़म भूल गये तेरी जफ़ा भूल गये

अपना ग़म भूल गये तेरी जफ़ा भूल गये,
हम तो हर बात मोहब्बत के सिवा भूल गये,
हम अकेले ही नहीं प्यार के दीवाने सनम,
आप भी नज़रें झुकाने की अदा भूल गये,
अब तो सोचा है के दामन ही तेरा थामेंगे,
हाथ जब हमने उठाये हैं दुआ भूल गये,
शुक्र समझो या इसे अपनी शिकायत समझो,
तुम ने वो दर्द दिया है के दवा भूल गये,

A Nice Ghazal – दुनिया से दिल लगाकर दुनिया से क्या मिलेगा

दुनिया से दिल लगाकर दुनिया से क्या मिलेगा,
याद-ए-ख़ुदा किये जा तुझ को ख़ुदा मिलेगा,
दौलत हो या हुकूमत ताक़त हो या जवानी,
हर चीज़ मिटनेवाली हर चीज़ आनी-जानी,
ये सब ग़ुरूर इक दिन मिट्टी में जा मिलेगा,
आता नहीं पलटकर गुज़रा हुआ ज़माना,
क्या ख़्वाब का भरोसा क्या मौत का ठिकाना,
ये ज़िंदगी गंवाकर क्या फ़ायदा मिलेगा,