DilSeDilTak.co.in

Shayari, SMS, Quotes, Jokes And More....

Hindi Inspiring Stories

Heart Touching Inspiring Husband Wife Story – जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए

एक पत्नी ने अपने पति से आग्रह किया कि वह उसकी छह कमियां बताएं जिन्हें सुधारने से वह बेहतर पत्नी बन जाए।

पति यह सुनकर हैरान रह गया और असमंजस की स्थिति में पड़ गया. उसने सोचा कि मैं बड़ी आसानी से उसे 6 ऐसी बातों की सूची थमा सकता हूं , जिनमें सुधार की जरूरत थी ।

और ईश्वर जानता है कि वह ऐसी 60 बातों की सूची थमा सकती थी, जिसमें पति को सुधार की जरूरत थी.

परंतु पति ने ऐसा नहीं किया और कहा – मुझे इस बारे में सोचने का समय दो मैं तुम्हें सुबह इसका जबाब दे दूंगा।

पति अगली सुबह जल्दी ऑफिस गया और फूल वाले को फोन करके उसने अपनी पत्नी के लिए छह गुलाबों का तोहफा भिजवाने के लिए कहा जिसके साथ यह चिट्ठी लगी हो, “मुझे तुम्हारी छह कमियां नहीं मालूम, जिनमें सुधार की जरूरत है. तुम जैसी भी हो मुझे बहुत अच्छी लगती हो.”

उस शाम पति जब आफिस से लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी दरवाज़े पर खड़ी उसका इंतज़ार कर रही थी और उसकी आंखों में सू भरे हुए थे। यह कहने की जरूरत नहीं कि उनके जीवन की मिठास कुछ और बढ़ गई थी।

पति इस बात पर बहुत खुश था कि पत्नी के आग्रह के बावजूद उसने उसकी छह कमियों की सूची नहीं दी थी।
.
.
.
.
सार ये है कि- जिंदगी का ये हुनर भी आज़माना चाहिए,
जंग अगर अपनों से हो तो हार जाना चाहिए..

जनहित में चेतावनी: पत्नी पर हमेशा जोक्स ठीक नहीं, कभी-कभी अच्छा खाने-पीने और घर की सुख-शांति के लिए सीरियस भी हो जाना चाहिये…
Updated: December 24, 2015 — 12:03 pm

A Motivational Short Story In Hindi – Prerak Bodh Katha

एक राजा था। वह एक दिन अपने वज़ीर से नाराज हो गया और उसे एक बहुत बड़ी मीनार के ऊपर कैद कर दिया। एक प्रकार से यह अत्यन्त कष्टप्रद मृत्युदण्ड ही था। न तो उसे कोई भोजन पहुंचा सकता था और न उस गगनचुम्बी मीनार से कूदकर उसके भागने की कोई संभावना थी।

जिस समय उसे पकड़कर मीनार पर ले जाया रहा था, लोगों ने देखा कि वह जरा भी चिंतित और दुखी नहीं है, उल्टे सदा की भांति आनंदित और प्रसन्न है। उसकी पत्नी ने रोते हुए उसे विदा दी और पूछा, “तुम इतने प्रसन्न क्यों हो?”

उसने कहा, “यदि रेशम का एक बहुत पतला सूत भी मेरे पास पहुंचाया जा सकता तो मैं स्वतंत्र हो जाऊंगा। क्या इतना-सा काम भी तुम नहीं कर सकोगी?”

उसकी पत्नी ने बहुत सोचा, लेकिन इतनी ऊंची मीनार पर रेशम कापतला धागा पहुंचाने का कोई उपाय उसकी समझ में न आया। तब उसने एक फकीर से पूछा। फकीर ने कहा, “भृंग नाम के कीड़े को पकड़ो। उसके पैर में रेशम के धागे को बांध दो और उसकी मूंछों के बालों पर शहद की एक बूंद रखकर उसका मुंह चोटी की ओर करके मीनार पर छोड़ दो।”

उसी रात को ऐसा किया गया। वह कीड़ा सामने मधु की गंध पाकर, उसे पाने के लोभ में, धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगा और आखिर उसने अपनी यात्रा पूरी कर ली। रेशम के धागे का एक छोर कैदी के हाथ में पहुंच गया।

रेशम का यह पतला धागा उसकी मुक्ति और जीवन बन गया। उससे फिर सूत का धागा बांधकर ऊपर पहुंचाया गया, फिर सूत के धागे से डोरी और डोरी से मोटा रस्सा। उस रस्से के सहारे वह कैद से बाहर हो गया।

सूर्य तक पहुंचने के लिए प्रकाश की एक किरण बहुत है। वह किरण किसी को पहुंचानी भी नहीं है। वह तो हर एक के पास मौजूद है।


Advertisements
Updated: January 8, 2015 — 7:55 pm
loading...
Loading...
DilSeDilTak.co.in © 2015