Izhaar Hindi Shayari – वो सज़दा ही क्या….जिसमे सर

वो सज़दा ही क्या….जिसमे सर उठाने का होश रहे….!!
इज़हार ए इश्क़ का मजा तब…जब मैं बेचैन रहूँ और तू ख़ामोश रहे….!!


Izhaar Hindi Shayari – उसको चाहा पर इज़हार करना

उसको चाहा पर इज़हार करना नहीं आया;
कट गई उम्र हमें प्यार करना नहीं आया;
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई;
और हमें इंकार करना नहीं आया।


Izhaar Hindi Shayari – खामोश ही रह… इज़हार न

खामोश ही रह… इज़हार न कर ख्यालात का…….
जाने कौन क्या मतलब निकाल ले तेरी किसी बात का….!!


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