Jism Hindi Shayari – मेरे जिस्म से उसकी खुशबु

मेरे जिस्म से उसकी खुशबु आज भी आती है,
मैंने फुरसत में कभी सीने से लगाया था उसे

Jism Hindi Shayari – तमाम जिस्म को आँखें बना

तमाम जिस्म को आँखें बना के राह तको
तमाम खेल मोहब्बत में इंतिज़ार का है

Jism Hindi Shayari – कुछ इस तरह से बसे

कुछ इस तरह से बसे हो तुम मेरे अहसासों में
जैसे धड़कन दिल में, मछली पानी में, रूह जिस्म में…

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