Chahat Hindi Shayari – वो छा गये है कोहरे

वो छा गये है कोहरे की तरह मेरे चारो तरफ,
न कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत है.


Chahat Hindi Shayari – बिन बात के ही रूठने

बिन बात के ही रूठने की आदत है
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,
आप खुश रहें, मेरा क्या है
मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है


Chahat Hindi Shayari – इक मेरी ही चाहत से

इक मेरी ही चाहत से परहेज है उनको
न जाने किस हकीम से दवा लेते हैं वो।।


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