Khwab Hindi Shayari – दब गई है नींद कही


दब गई है नींद कही करवटों के बीच में…
दर पे खड़े रहते हैं कुछ ख्वाब रात भर…।।

Khwab Hindi Shayari – मुलाकातें तो आज भी होती

मुलाकातें तो आज भी होती है तुमसे,
ख्वाब किसी ताले के मोहताज नही…

Khwab Hindi Shayari – यूं ही नही आते ख्वाब

यूं ही नही आते ख्वाब हसीं रातो को
देखने के लिए ख्वाब सोना भी पड़ता है

Khwab Hindi Shayari – हर शख्स मुझे ज़िन्दगी जीने

हर शख्स मुझे ज़िन्दगी जीने का तरीका बताता है…
उन्हें कैसे समझाऊ कि एक ” ख्वाब ” अधूरा है मेरा..
वरना “जीना” तो मुझे भी आता है.

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