Rahat Indori 2 Lines Shayri – Maine cheda to kis andaj se kaha

Maine cheda to kis andaj se kaha,
Kuch sunoge meri jban se aaj.


Rahat Indori Shayri – Jawaniyon me jawani ko dhul karte hain

Jawaniyon me jawani ko dhul karte hain
Jo log bhul nahi karte, bhul karte hain

Agar Anaarkali hain sabab bagaavat ka
Salim hum teri sharten kabool karte hain


Famous Ghazal By Rahat Indori – Har Ek Chehre Ko Zakhmo Ka Aina Na Kaho

हर एक चेहरे को ज़ख़्मों का आईना न कहो|
ये ज़िन्दगी तो है रहमत इसे सज़ा न कहो|

न जाने कौन सी मज़बूरीओं का क़ैदी हो,
वो साथ छोड़ गया है तो बेवफ़ा न कहो|

तमाम शहर ने नेज़ों पे क्यूँ उछाला मुझे,
ये इत्तेफ़ाक़ था तुम इस को हादसा न कहो|

ये और बात कि दुश्मन हुआ है आज मगर,
वो मेरा दोस्त था कल तक उसे बुरा न कहो|

हमारे ऐब हमें उँगलियों पे गिनवाओ,
हमारी पीठ के पीछे हमें बुरा न कहो|

मैं वक़ियात की ज़न्जीर का नहीं क़ायल,
मुझे भी अपने गुनाहों का सिलसिला न कहो|

ये शहर वो है जहाँ राक्षस भी है “राहत”,
हर एक तराशे हुये बुत को देवता न कहो|


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