Zarurat Hindi Shayari – मैं याद तो हूँ उसे


मैं याद तो हूँ उसे, पर ज़रूरत के हिसाब से।
मेरी हैसियत, कुछ नमक जैसी है।

Zarurat Hindi Shayari – ज़रूरत दिन निकलते ही निकल

ज़रूरत दिन निकलते ही निकल पड़ती है डयूटी पर
बदन हर शाम ये कहता है अब हड़ताल हो जाए

Zarurat Hindi Shayari – तेरी चाहत ने निखारा है

तेरी चाहत ने निखारा है इस कदर मुझको
आइना कहता है तुम्हें मेरी ज़रूरत क्या है

Zarurat Hindi Shayari – माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं

माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है…!!

1 2